2 Line Shayari : Mohabbat Rog Hain Dil Ka
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| 2 Line Shayari |
मेरी आँखों में मत ढूंढा करो खुद को
पता है ना.. दिल में रहते हो खुदा की तरह।
तुम्हारा क्या बिगाड़, था जो तुमने तोड़ डाला है,
ये टुकडे मैं नही लूँगा मुझे तुम दिल बना कर दो।
मोहब्बत रोग है दिल का इसे दिल पे ही छोड़ दो,
दिमाग को अगर बचा लो तो भी गनीमत हो।
तुम दूर हो या पास फर्क किसे पड़ता है,
तू जँहा भी रहे तेरा दिल तो यँही रहता है।
पहली बारिश का नशा ही कुछ अलग होता हैं,
पलको को छूते ही सीधा दिल पे असर होता हैं।
फ़िक्र तो तेरी आज भी है,
बस .. जिक्र का हक नही रहा।
तुमसे ऐसा भी क्या रिश्ता हे,
दर्द कोई भी हो.. याद तेरी ही आती हे।
काग़ज़ पे तो अदालत चलती है,
हमने तो तेरी आँखो के फैसले मंजूर किये।
एम्बुलेंस सा हो गया है ये जिस्म,
सारा दिन घायल दिल को लिये फिरता है।
कहीं फिसल न जाऊं तेरे ख्यालों में चलते चलते,
अपनी यादों को रोको मेरे शहर में बारिश हो रही है।
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