Dosti Shayari : Aap Jaise Dost Par Hame Naaj Hain
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| Dosti Shayari |
जो दिल के हो करीब उसे रुसवा नहीं करते,
यूँ अपनी दोस्ती का तमाशा नहीं करते,
खामोश रहोगे तो घुटन और बढ़ेगी,
अपनों से कोई बात छुपाया नहीं करते।
एहसास बहुत होगा जब छोड़ के जाएंगे,
रोयेंगे बहुत मगर आँसू नहीं आएँगे,
जब साथ कोई ना दे तो आवाज़ हमें देना,
आसमान पर होंगे तो भी लौट के आएंगे।
आपकी हमारी दोस्ती सुरों का साज है,
आप जैसे दोस्त पर हमें नाज़ है,
अब चाहे कुछ भी हो जाये जिंदगी में,
दोस्ती वैसे ही रहेगी जैसे आज है।
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