Love Shayari : Wafa Ki Janjeer Se Dar Lagta Hain
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| Love Shayari |
वफ़ा की ज़ंज़ीर से डर लगता है,
कुछ अपनी तक़दीर से डर लगता है.
जो मुझे तुझसे जुदा करती है,
हाथ की उस लकीर से डर लगता है।
तुम्हारे प्यार की दास्तां हमने अपने दिल में लिखी है,
न थोड़ी न बहुत बे-हिसाब लिखी है,
किया करो कभी हमे भी अपनी दुआओं में शामिल,
हमने अपनी हर एक सांस तुम्हारे नाम लिखी है।
यकीन नहीं तुझे अगर, तो आज़मा के देख ले,
एक बार तू, जरा मुस्कुरा के देख ले,
जो ना सोचा होगा तूने, वो मिलेगा तुझको भी,
एक बार आपने कदम, बढ़ा के देख ले।
कब तक वो मेरा होने से इंकार करेगा,
खुद टूट कर वो एक दिन मुझसे प्यार करेगा,
इश्क़ की आग में उसको इतना जला देंगे,
कि इज़हार वो मुझसे सर-ए-बाजार करेगा।
उनका हाल भी कुछ आप जैसा ही होगा,
आपका हाले दिल उन्हें भी महसूस होगा,
बेकरारी की आग में जो जल रहे हैं आप,
आपसे ज्यादा उन्हें इस जलन का एहसास होगा।
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