New Love Shayari : Hum Kitne Dil Jiye Ye Jaruri Nahin
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| New Love Shayari |
हम कितने दिन जिए ये ज़रूरी नहीं,
हम उन दिनों में कितना जिए ये ज़रूरी हैं।
हर दिन, हर रात तेरा ख्याल रहता है,
हर वक़्त, हर पल बस एक सवाल रहता है,
तुम बिन जिया जाये कैसे, कैसे जिया जाये तुम बिन,
मुस्कुराया तूने जो तारे भी शरमा गए,
दिल की धड़कन बढ़ गयी तो हम भी कुछ घबरा गए,
ए हवा बहकि हवा छूना उससे तहज़ीब से,
मेरे प्यार का पैगाम देना चुपके चुपके करीब से।
हम भी लड़ते है खूब झगडते है,
मगर मुद्दा एक दूसरे की फ़िक्र का होता है,
एक को हो दर्द तो सच जानिये दोस्तों,
दूसरा खुद बा खुद साडी रात न सोता है,
इस प्यार में कोई दौलत की लालच नहीं,
न हमारे बीच ज़िकर शोहरत का होता है,
जो भी करते है दिल से दिल को जोड़ कर,
जिस्म नहीं हमारे प्यार में तो मेल रूहो का होता है,
जब भी लिखता हूँ उसके लिए हाथ खुद ही चलते है,
सोचने की ज़रुरत नहीं वो तो हर वक़्त मेरे जहन में होता है।
कभी कभी एक क्षण में हम अपने पूरे जीवन के लिए जरूरी प्यार प्राप्त कर लेते हैं,
और कभी-कभी पूरे जीवन की खोज के बाद भी, एक क्षण के लिए भी प्यार नहीं मिलता।
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